世界

सावधान! अगर आपका घर भी ऐसा है तो वो भी कोरोना वायरस से सुरक्षित नहीं

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर आमतौर पर यही कहा जाता है कि घर में रहिए, सुरक्षित रहिए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आपके घर में उचित वेंटिलेशन न हो तो ये बेहद खतरनाक हो सकता है. 

एक अध्ययन के अनुसार, घरों और कार्यालयों में पर्याप्त वेंटिलेशन की कमी से नोवेल कोरोना वायरस के फैलने का खतरा बढ़ जाता है. COVID-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई का अगला मोर्चा इस तरह के संचरण को रोकना होना चाहिए.

सिटी एंड एनवायरनमेंट इंटरेक्शन जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, नोवेल कोरोना वायरस, SARS-CoV-2 जैसे कई वायरस का आकार 100 माइक्रोन से कम है.

ये भी पढ़ें: अमेरिका ने WHO से तोड़ा नाता, राष्ट्रपति ट्रंप ने किया ऐलान, चीन को लेकर दिया ये बड़ा बयान

रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी व्यक्ति के खांसने या छींकने से उतपन्न हुई सांस की बूंदों (droplets) में वायरस के साथ-साथ पानी, नमक और कुछ ऑर्गेनिक पदार्थ भी होते हैं.

शोधकर्ता जिसमें ब्रिटेन के सरे विश्वविद्यालय के शोधकर्ता भी शामिल हैं, ने उल्लेख किया है कि जैसे ही बूंदों से पानी वाष्पित होता है, सूक्ष्म पदार्थ छोटा और हल्का हो जाता है जो हवा में तैरता रहता है. उन्होंने कहा कि समय के साथ, वायरस कंसंट्रेट हो जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है, खासतौर पर अगर हवा इनडोर वातावरण में स्थिर हो.

ये भी देखें-

शोधकर्ताओं ने कहा- ‘कई कमर्शियल और सार्वजनिक इमारतों में मैकेनिकल वेंटिलेशन आम है, लेकिन यह अप्रभावी हो सकता है. और इसके बजाय ये ऐसी स्थितियां पैदा कर सकता है जिसमें उस जगह के अंदर दूषित हवा के रहने का समय और बढ़ जाता है.’

अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि COVID-19 के इनडोर ट्रांसमिशन से निपटने के लिए बिल्डिंग में वेंटिलेशन की सुविधा में सुधार की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से संक्रमित व्यक्तियों की पहचान होना और उस जगह और वहां होने वाली गतिविधियों पर उचित उपाए करने की तत्काल आवश्यकता है. मास्क को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देशों की जरूरत है.

युनिवर्सिटी की स्टडी के मुख्य लेखक प्रशांत कुमार ने कहा- ‘बेहतर इनडोर वेंटिलेशन बेहद जरूरी कदम है जिससे संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है.’ हालांकि कुमार ने कहा कि कोविड ​​-19 और इसी तरह के वायरस के एयरबोर्न ट्रांसमिशन को पहचानने और समझने के लिए और अधिक अध्ययन किए जाने चाहिए, जिससे ज्यादा लोगों वाली जगह पर वायरस वाली हवा का बनना कम किया जा सके. 

Close